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भुक्तभोगी दुकानदारों ने रोष जताते हुए कहा कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया
कोलकाता। सियालदह-बनगांव शाखा के बिराटी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर एक से सटी दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में स्टेशन परिसर से सटी तीन किताबों की दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की भयावहता को देखते हुए एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की दो गाडिय़ाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया।
इस दौरान सुरक्षा कारणों से डाउन लाइन पर रेल परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिसके चलते दैनिक यात्रियों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टेशन परिसर में आग लगने की इस पुनरावृत्ति ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। गौरतलब है कि बीते 30 दिसंबर को भी बिराटी स्टेशन के समीप स्थित यदुबाबू बाजार में प्रलयंकारी आग लगी थी, जिसमें करीब 200 दुकानें जलकर स्वाहा हो गई थीं। उस घटना के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हुई इस वारदात ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है।
भुक्तभोगी दुकानदारों ने रोष जताते हुए कहा कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और आग लगने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।